सपनों की ये कतार तिरंगे के लिए है
मेरे भी मन में प्यार तिरंगे के लिए है |
बहता है पसीना तो आता है मजा और
अपना भी ये उपहार तिरंगे के लिए है |
डूबता सूरज कभी है दीखता नहीं
कांधे पे ये पहाड़ तिरंगे के लिए है |
ईनाम नहीं होता ईमान से बड़ा
अपना भी ये विचार तिरंगे के लिए है |
खुद तोड़ दी सीमाएँ भाषा प्रदेश की
अपना नया संसार तिरंगे के लिए है |
उस सिंधु को भी दोस्त नमस्कार है मेरा
जिसके हृदय में ज्वार तिरंगे के लिए है |
मेरे भी मन में प्यार तिरंगे के लिए है |
बहता है पसीना तो आता है मजा और
अपना भी ये उपहार तिरंगे के लिए है |
डूबता सूरज कभी है दीखता नहीं
कांधे पे ये पहाड़ तिरंगे के लिए है |
ईनाम नहीं होता ईमान से बड़ा
अपना भी ये विचार तिरंगे के लिए है |
खुद तोड़ दी सीमाएँ भाषा प्रदेश की
अपना नया संसार तिरंगे के लिए है |
उस सिंधु को भी दोस्त नमस्कार है मेरा
जिसके हृदय में ज्वार तिरंगे के लिए है |
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