गीत
काँटों का
फूल से मिलन
है अजीब ये समीकरण |
बादल के नाम पर आंधियां चलीं
सरसों के खेत में बिजलियाँ गिरीं
आंसुओं से
है भरा चमन
है अजीब ये समीकरण |
खाली हैं आज साधुओं की झोलियाँ
निकल रहीं तिजोरियों से मात्र गोलियां
बच्चों के
सर पे ये कफन
है अजीब ये समीकरण |
बरगद के पेड़ पर मेढक चढ़े
सूरज की जगह आज काजल उगे
नाव और
नदी का ये चयन
है अजीब ये समीकरण |
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