Tuesday, 26 October 2021

ये मौसम तो देखिए


                  गजल 

 

                                        खाने वो खिलाने का ये मौसम तो देखिए 

पीने वो पिलाने का ये मौसम तो देखिए


वो लूटता किसी को कोई उसको लूटता 

लुटने वो लुटाने का ये मौसम तो देखिए


कन्धों पे एक-दूसरे के चढ़ रहे हैं लोग 

चढ़ने वो चढाने का का ये मौसम तो देखिए


सूरज की ओर आज उठ रही हैं उंगलियाँ 

सुनने वो सुनाने का का ये मौसम तो देखिए


कीचड़ मे सने हाथ मिल रहे हैं किस तरह 

गिरने वो गिराने का ये मौसम तो देखिए


आंधी के लिए वो कोई भूकम्प ला रहे 

छिपने वो छिपाने का ये मौसम तो देखिए


किसका मजाल जो उन्हें पर्वत से उतारे 

बचने वो बचाने का ये मौसम तो देखिए


( गजल संग्रह 'तिरंगे के लिए' मे 1997 में प्रकाशित )

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