Friday, 29 October 2021

इसी तरह

                                                                     इसी तरह 


तन कर 

खड़े हो जाते हैं 

कई परिचित चेहरे 

हमारे सामने 

इसी तरह 

प्रत्येक दिन |


कहीं से आकर 

लटक जाती है

एक नंगी तलवार 

हमारे सामने 

इसी तरह 

प्रत्येक दिन |


छोड़ दिए जाते हैं 

शेर-चीतों की तरह 

खूंखार 

कई सवाल 

हमारे सामने 

इसी तरह 

प्रत्येक दिन |


इस निर्जन-वन में 

कौन सुनता है

किसकी फ़रियाद, 

इसीलिए 

करता रहता हूँ 

'हाँँ' की भाषा में 

'नहीं' का अनुवाद 

इसी तरह 

प्रत्येक दिन |


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