इसी तरह
तन कर
खड़े हो जाते हैं
कई परिचित चेहरे
हमारे सामने
इसी तरह
प्रत्येक दिन |
कहीं से आकर
लटक जाती है
एक नंगी तलवार
हमारे सामने
इसी तरह
प्रत्येक दिन |
छोड़ दिए जाते हैं
शेर-चीतों की तरह
खूंखार
कई सवाल
हमारे सामने
इसी तरह
प्रत्येक दिन |
इस निर्जन-वन में
कौन सुनता है
किसकी फ़रियाद,
इसीलिए
करता रहता हूँ
'हाँँ' की भाषा में
'नहीं' का अनुवाद
इसी तरह
प्रत्येक दिन |
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